अलविदा मिग 27
संवाददाता/in24 न्यूज़.
मिग 27 का शानदार और ऐतिहासिक सफ़र अब समाप्त हो गया है. इसलिए इसे भावभीनी विदाई के समय कद दिया गया अलविदा मिग 27. गौरतलब है कि देश के सबसे चर्चित लड़ाकू जेट मिग 27 जिसने कारगिल वॉर में सबसे बड़ा रोल अदा किया, को इंडियन एयरफोर्स ने सबसे मार्मिक विदाई दी. शुक्रवार को आखिरी बार मिग ने राजस्थान के जोधपुर में आसमान में उड़ान भरी. इस विमान ने तीन दशक तक देश की सेवा की और मिग के नाम कई शानदार रिकॉर्ड हैं. मिग -27 विमान ने 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान निभाई गई घातक भूमिका के लिए भारतीय वायुसेना के पायलटों का दिल जीता. बेड़े ने ऐतिहासिक कारगिल संघर्ष में अपनी दुश्मन पर मिग से रॉकेट और बम बरसाए. यह लड़ाकू विमान पिछले चार दशकों से भारतीय वायु सेना के जमीनी हमले के बेड़े की रीढ़ रहा है. इससे पहले मिग -23 बीएन, मिग -23 एमएफ और मिग 27 पहले ही भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्त हो चुके हैं. इन विमानों ने शांति और युद्ध दोनों के दौरान राष्ट्र के लिए एक बहुत बड़ा योगदान दिया है. इस फाइटर जेट को भारतीय वायु में 1985 में शामिल किया गया था. राजस्थान के जोधपुर में शुक्रवार को मिग-27 स्क्वाड्रन के सभी 7 विमानों ने एकसाथ आखिरी उड़ान भरी. मिग की विदाई के लिए वायुसेना की विशेष टीम जोधपुर पहुंची. इस दौरान विमानों ने पराक्रम दिखाकर अलविदा कहा. भारतीय वायुसेना मिग-27 को ‘बहादुर’ कहती थी.