महाराष्ट्र की आर्थिक हालत में सुधार लाएंगे : अजित पवार
संवाददाता/in24 न्यूज़.
पूरी दुनिया पर कोरोना वायरस ने अपना असर दिखाया है. महाराष्ट्र को इन जानलेवा वायरस ने काफी नुक्सान पहुंचाया। ऐसे माहौल में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री अजीत पवार ने कहा है कि लॉकडाउन का पालन करते हुए, राज्य की अर्थव्यवस्था चरणबद्ध तरीके से पटरी पर लाई जाएगी। कोरोना रोकथाम के नियमों का कड़ाई से पालन करते हुए कृषि, बैंकिंग, उद्योग, व्यापार के लिए सीमित अनुमति दी जाएगी। उपमुख्यमंत्री पवार ने कहा कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन की सीमा तीन मई तक बढ़ा दी गई है। रेल, मेट्रो, सार्वजनिक परिवहन, त्योहारों, और सार्वजनिक कार्यक्रमों जैसे अधिकांश लेनदेन तब तक बंद रहेंगे। राज्य में लॉकडाउन का कड़ाई पालन जारी रहेगा। साथ ही कोरोना से बचाव के लिए जारी दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए लोगों की आजीविका की जरूरतें पूरी करने, लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने, कृषि की समय पर खेती सहित अन्य कृषि कार्य शुरू करने और अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए प्रयास किया जाएगा। सोमवार 20 अप्रैल से चरणबद्ध तरीके से कामकाज शुरू किए जाएंगे। उपमुख्यमंत्री के अनुसार उद्योग धंधे शुरू करने और लॉकडाउन के नियमों का पालन करने के लिए सरकार ने दिशानिर्देश भी जारी किए हैं। नागरिकों को लॉकडाउन का कड़ाई से पालन करना चाहिए। उपमुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि नागरिकों को जीवनावश्यक वस्तुओं की आपूर्ति नियमित रूप से जारी रहेगी। राज्य में लॉकडाउन बढ़ाए जाने के बावजूद कोई भी असुविधा जनता को नहीं होगी। उन्होंने नागरिकों से अपील किया है कि वे घर से बाहर न निकलें, सुरक्षा का ख्याल रखें, ताकि कोरोना को फैलने से रोका जा सके। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में लॉक डाउन का केंद्र के दिशानिर्देश के अनुसार कड़ाई से पालन किया जा रहा है। अस्पताल, दवाखाने, पैथोलॉजी सेंटर, एम्बुलेंस सेवाएं चालू हैं। कृषि खेती पर कोई प्रतिबंध नहीं है। कृषि और कृषि उद्योगों, दुकानों पर लेनदेन संबंधित सभी गतिविधियों को सुरक्षा के अधीन रहते हुए जारी रखने की अनुमति दी गई है। कपास, चना खरीद योजनाएं भी जारी रहेंगी। डेयरी, पशुओं के पालन और मत्स्य गतिविधियों की भी अनुमति दी गई है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार गारंटी योजना का काम जारी रहेगा। अनाथालय, वृद्धाश्रम आदि सामाजिक संस्थाओं का कामकाज जारी रहेगा। आंगनबाड़ी बंद होने के बावजूद, बच्चों को घर पहुंचा कर पोषण संबंधी सहायता प्रदान की जा रही है। स्कूल, कॉलेज बंद हैं, लेकिन उन्हें ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कहा गया है। उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने लोगों से अपील की है कि कोरोना की लडाई में सरकार का सहयोग देने के लिए उन्हें वहां नहीं जाना चाहिए, जहां भीड़ हो।